एलॅन्स मे आयोजित पालन पोषण मेरी जिम्मेदारी संगोष्ठी का सफल आयोजन
दिनेश दुबे 9425523689
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*एलॅन्स मे आयोजित “पालन-पोषण मेरी जिम्मेदारी संगोष्ठी का सफल आयोजन*
बेमेतरा = एलॅन्स पब्लिक स्कूल बेमेतरा में संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। डॉ. सत्यजीत होता, प्राचार्य एवं अभिभावकों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया।
*विद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत होता ने सभागार में उपस्थित अतिथियों एवं सभी अभिभावकों का गर्मजोशी से स्वागत किया और नूतन वर्ष की शुभकामनाएं दी। उनके अनुसार एक अच्छा अभिभावक वही होता है जो बच्चे की हित मे सदैव सकारात्मक फैसला लेने का भरसक प्रयास करता है। इस संदर्भ मे उन्होने कहा की बच्चो का पालन पोषण करते समय हमे सकारात्मक पहलूओ का विशेष ध्यान रखना चाहिए जैसे – अपने बच्चो के साथ खेलने के लिए रोजाना थोड़ा थोड़ा समय जरूर निकाले, उन्हे हमेशा सत्य बोलने और अनुशासित रहने के लिए प्रेरित करे, उनके प्रति सकारात्मक सोच रखे, बच्चो के जीवन यापन हेतु बेहतर तरीके बताए, सही और गलत का एहसास अवश्य कराए, बच्चो की जरूरत और इच्छाओ मे फर्क बताए, उन्हे समझाए की जरूरते पूरे हो सकती है परंतु इच्छाएँ पूरी नहीं हो सकती। उस पर हमे नियंत्रण रखना होगा। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि अपने पाल्य / पाल्या को भय मुक्त रखे और जीवन में धैर्य, साहस, दया, क्षमा और करुणा का अनुकरण करने हेतु प्रोत्साहित करे । अभिभावकों को मंच पर बुलाकर गतिविधियों द्वारा बच्चो के साथ तीव्र क्रियाशील न होने का सुझाव दिया। उनके अनुसार कर्मयोग में विश्वास करते हुए अहिंसा, सहभागिता, देखभाल, प्यार और मुस्कान के साथ सादा जीवन और उच्च विचार का मार्ग अपनाना ही पालन-पोषण का उचित तरीका है। बच्चों के लिए रोल मॉडल बनने, बच्चों में आत्म-सम्मान को बढ़ावा देने, नकारात्मक टिप्पणियों के बजाय उनकी प्रशंसा करने और अन्य बच्चों से उनकी तुलना न करने जैसे प्रभावी पालन-पोषण युक्तियाँ के बारे में भी बताया। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों को उनकी व्यक्तिगत रुचि और क्षमताओं के अनुसार मार्गदर्शन करें। माता-पिता को यह महसूस करना होगा कि उनके बच्चे अद्वितीय हैं इसलिए उन्हें अपने बच्चों को आधुनिक दुनिया की बुराइयों और ग्लैमर से बचाना होगा। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे इस तरह से पालन-पोषण दें, ताकि बच्चे आने वाली पीढ़ी को अपने पालन-पोषण की कहानियां सुना सकें। बच्चो को ज्ञान के साथ – साथ भक्ति भाव से जुड़े रहने की सलाह दी। उन्होने कहा की बच्चो से हो रही अनजान गलतियों को न छिपा कर निर्भीक होकर उन्हे अपने माता पिता से साझा करने की हिम्मत रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों की परवरिश में आ रही दिक्कतों और बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलाव को साझा किया। प्राचार्य ने अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के कई उपाय बताए और उन्हें माता-पिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों ने प्रश्नोत्तरी मे अपनी दिलचस्पी के साथ भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में सफल मंच संचालन सुश्री श्रिया और श्रीमती रेणुका काले ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले माता-पिता एवं श्रीमति सिमंतिनी ठाकुर , पी. नागमनी, प्रतीक्षा अवस्थी, अभिषेक मिश्रा, हरिओम सोनी, राहुल सोलंकी, बलबीर सिंह, पुष्पलता पटले, सुष्मिता सिंह, रणजीत सिंह को श्रीमती अमन अग्रवाल ने धन्यवाद प्रेषित किया।














